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अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से बढ़ सकता है डिमेंशिया का खतरा: हार्वर्ड अध्ययन

PNS,नई दिल्ली, 5 जून 2026

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों (Ultra-Processed Foods – UPFs) जैसे चिप्स, बिस्कुट, प्रोसेस्ड मीट, इंस्टेंट सूप और शर्करा युक्त पेय पदार्थों का नियमित सेवन डिमेंशिया (मनोभ्रंश) के जोखिम को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकता है। यह निष्कर्ष अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा किए गए एक दीर्घकालिक अध्ययन में सामने आया है।

अध्ययन में 10 वर्षों तक 5,300 से अधिक अमेरिकी वयस्कों के खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग प्रतिदिन अधिक मात्रा में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, उनमें डिमेंशिया विकसित होने की संभावना 58 प्रतिशत तक अधिक थी। वहीं, हल्के संज्ञानात्मक विकार (Mild Cognitive Impairment) का जोखिम भी 46 प्रतिशत अधिक पाया गया।

प्रोसेस्ड मीट सबसे अधिक जोखिमपूर्ण

अध्ययन के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट जैसे बेकन, सॉसेज, हॉट डॉग और पैकेटबंद हैम डिमेंशिया के बढ़ते जोखिम में सबसे बड़ा योगदान देने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि इन खाद्य पदार्थों में मौजूद संरक्षक (Preservatives), इमल्सीफायर (Emulsifiers) और अन्य कृत्रिम योजक शरीर में सूजन (Inflammation) को बढ़ा सकते हैं, जो मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

प्राकृतिक और कम प्रसंस्कृत भोजन से लाभ

अध्ययन की सह-लेखिका प्रोफेसर Cindy Leung के अनुसार, जो लोग फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और कम प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करते हैं, उनमें डिमेंशिया का जोखिम 41 प्रतिशत तक कम पाया गया।

उन्होंने कहा कि अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के लिए कोई पूरी तरह सुरक्षित सेवन स्तर निर्धारित करना कठिन है, इसलिए इनके उपयोग को सीमित करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो सकता है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ क्या हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें अनेक कृत्रिम सामग्री, स्वादवर्धक, रंग, संरक्षक और औद्योगिक स्तर पर तैयार किए गए घटक शामिल होते हैं, उन्हें अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ कहा जाता है। इनमें सामान्यतः लंबी शेल्फ लाइफ होती है।

इनमें शामिल हैं:

  • चिप्स और पैकेटबंद नमकीन
  • बिस्कुट और कुकीज़
  • मीठे नाश्ते के सीरियल
  • इंस्टेंट नूडल्स और सूप
  • प्रोसेस्ड मीट (हैम, सॉसेज, हॉट डॉग)
  • शीतल पेय और ऊर्जा पेय
  • फ्लेवर्ड योगर्ट
  • तैयार-खाने योग्य पैकेज्ड खाद्य पदार्थ

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ मोटापा, टाइप-2 मधुमेह और हृदय रोग जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकते हैं। ये सभी स्थितियां डिमेंशिया के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं।

संतुलित आहार अपनाने की सलाह

शोधकर्ताओं ने लोगों को ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और कम प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि स्वस्थ खान-पान न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मस्तिष्क के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

 

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